अनचाहे गर्भ (Pregnancy) से बचने के लिए नए जमाने के ये तरीके अपनाएं

अनचाहे गर्भ (Pregnancy) से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों की आवश्यकता हर किसी को होती है. आज की तारीख में इसके कई तरीके उपलब्ध हैं. आइए अब आपको बताते हैं कुछ नए तरीके जो सुविधाजनक तो हैं ही साथ में अतिरिक्त फायदे भी हैं.

अनचाहे गर्भ (Pregnancy) से बचने के लिए नए जमाने के तरीके अपनाएं

पुरुषों के लिए इंजेक्शन

आमतौर पर जब भी अनचाहे गर्भ (Pregnancy) से छुटकारे की बात होती है तो इसमें महिलाओं को ही कई तरह की गोलियां या ट्रीटमेंट दिए जाते हैं. लेकिन अब धीरे-धीरे पुरुषों के लिए भी कई तरह के साधन आ रहे हैं. अभी हाल ही में पुरुषों के लिए एक गर्भनिरोधक इंजेक्शन बनाया गया है. जाँच में पाया गया कि ये इंजेक्शन 96 फीसदी तक प्रभावी है. इसके लिए 270 लोगों को दो हार्मोन की सुइयां ( एक प्रोजेस्टेरोन की और दूसरी टेस्टोस्टेरोन की) हर 8वें हफ्ते दी गई. 6 महीने बाद उनकी जांच करने करने पर पता चला कि उनमें शुक्राणुओं की संख्या 10,00,000 से कम हो गई थी. हालांकि अभी इसके साइड इफेक्ट हैं इसलिए अभी इस पर काम किया जा रहा है.

एप के जरिए

जब ज़माना स्मार्टफोन और ऐप का हो तो इसके लिए भी ऐप होना चाहिए न. इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब कई तरह के ऐप बनाए गए हैं जिससे आप अपनी फर्टिलिटी साइकिल को देख सकते हैं. इसके लिए आपको बस रोज अपने तापमान का हिसाब रखना होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सिर्फ 30 सेकेण्ड में फर्टिलिटी का पता चल जाता है.

पुरुषों के लिए गोली

बदलते जमाने और सोच का पता इस बात से भी चलता है कि अब पुरुषों के लिए भी गर्भनिरोधक गोलियां बन रहीं हैं. हालांकि इसके दुष्प्रभाव और फंड की कमी की वजह से ये दवाई अभी तक मार्केट में नहीं आ सकी है. लेकिन निर्माताओं को यकीन है कि उनका फ़ॉर्मूला एक न एक दिन जरुर कामयाब होगा. इस फ़ॉर्मूले के तहत एक ख़ास तरह का पेप्टाइड (प्रोटीन) विकसित किया गया है. ये पेप्टाइड शुक्राणु की गति को धीमा करता है. इसे शारीरिक संबंध बनाने से कुछघंटे पहले इस्तेमाल करना है.

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गर्भ (Pregnancy) निरोध के नए तरीके

महिलाओं के लिए जो गर्भनिरोधक दवाएं हैं उनके दो प्रकार होते हैं. ईसमें से एक एस्ट्रोजेन और दूसरा प्रोजेस्टेरोन हार्मोन होते हैं. ये दोनों ही हार्मोन्स महिलाओं में आलरेडी पाए जाते हैं. जब महिलाएं गोलियां लेतीं हैं तो उनके अंदर हार्मोन्स की मात्रा बढ़ बढ़ जाती है. इसके बाद ये अंडाशय से अंडाणुओं को निकलने से रोक देते हैं. लेकिन जिन महिलाओं में हाई बीपी या मोटापा की समस्या होती हैं, वे एस्ट्रोजेन नहीं ले सकती हैं. इसलिए नए तरह के गर्भनिरोधक गोलियों में सिर्फ़ प्रोजेस्टेरोन होता है जिसे ‘मिनी पिल’ भी कहते हैं. ये दोनों ही गोलियां 99 फ़ीसदी प्रभावी होते हैं.

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