माह-ए-नवरात्रि चल रहा है और ये माँ के सभी रूपों के तमाम भक्तों के व्रत (Fasting in Navratri) रखने के सन्दर्भ में बेहद ख़ास है. इस महीने में माँ की आराधना का खास महत्व है. क्या महिला क्या पुरुष सभी माँ को खुश करने में लग जाते हैं. हलांकि व्रत करने के कई फायदे हैं लेकिन यदि आपको कोई बिमारी है तो आप सावधान रहें.

नवरात्रि में करना है व्रत (Fasting in Navratri) तो बरतें ये सावधानियाँ

दिल के रोगी और Fasting in Navratri

दिल के पेशंट्स को तो वैसे ही कई सारी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं, खासकरके खाने-पीने के मामले में. इसलिए ऐसे समय में आप ज्यादा समय तक भूखे रहेंगे तो आपके शरीर के क्रियाओं पर बुरा असर पड़ता सकता है. हो सके तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

गर्भवती महिलाएं

अतिरिक्त सावधानियां बरतने के क्रम में गर्भवती महिलाओं नम्बर तो ऊपर ही रहता है. गर्भ के दौरान माँ को अपने साथ-साथ बच्चे के भी पोषण की ख़ास जरूरत होती है. ऐसे समय में व्रत रखने से जच्चा-बच्चा दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है.

खून की कमीवाले मरीज

जिन लोगों को खून की कमी वाली बीमारी यानी कि एनीमिया है उन्हें भी व्रत रखने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. क्योंकि एक तो इस बिमारी में शरीर वैसे ही कमजोर रहता है ऊपर से आप व्रत रखेंगे तो शरीर में थकान और कमजोरी बढ़ सकती है.

उच्च रक्तचाप और किडनी पेशंट्स

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है उन्हें भी खान-पान में सावधानी बरतने की जरुरत होती है. इसलिए यदि आप व्रत रहेंगे तो आपके शरीर का सिस्टम इससे प्रभावित हो सकता है. किडनी की समस्या से ग्रसित लोग भी व्रत से परहेज करें क्योकि इससे किडनी फेलियर की संभावना बढ़ सकती है.

नवरात्रि में करना है व्रत (Fasting in Navratri) तो बरतें ये सावधानियाँ

शुगर के मरीज

डायबिटीज की समस्या से प्रभावित लोगों को भी कई तरह की सावधानियों से गुजरना पड़ता है. उन्हें समय पर भोजन और दवाइयां खाना आवश्यक होता है. ऐसे में उपवास रखने से उनकी समस्या बढ़ सकती है.

फेफड़े और लीवर

फेफड़े और लीवर भी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं. इससे संबंधित बिमारियों से दो-चार होने वाले लोगों को भी उपवास नहीं रखना चाहिए. क्योंकि व्रत रखने से आपकी समस्या बढ़ने की पूरी संभावना है.

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