इस दुनिया में अक्सर कई चीजें गायब होती रहती हैं. लेकिन अबकी जानकर होंगे हैरान गायब हो गया है एक बहुत बड़ा Black Hole. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये गुमशुदा ब्लैक होल हमारे सूर्य से करोड़ों गुना ज़्यादा भारी है. और इसे खोजने में लगे हैं नासा के दो जाबड़ खोजी मशीने चंद्रा ऐक्स-रे ऑब्ज़र्वेटरी और हबल स्पेस टेलीस्कोप. अभी तक तो इसकी कोई जानकारी मिली नहीं है.

जानकर होंगे हैरान गायब हो गया है एक बहुत बड़ा Black Hole

क्या है Black Hole?

ब्लैक होल यानी एक ऐसी जगह, जहां का गुरुत्वाकर्षण बहुत ज़्यादा होता है. इतना ज़्यादा कि वहां से कुछ भी बाहर नहीं आ सकता. वहां की ग्रैविटी इतनी स्ट्रॉन्ग होती है कि आसपास की सारी चीज़ें ज़रा सी जगह में सिमट कर रह जाती हैं. इतनी स्ट्रॉन्ग ग्रैविटी से प्रकाश भी नहीं निकल पाता. इसलिए ब्लैक होल्स दिखाई नहीं देते. लेकिन उन्हें डिटेक्ट करने के दूसरे तरीके होते हैं. लगभग हर बड़ी गैलेक्सी के केंद्र में एक सुपरमैसिव ब्लैक होल होता है. ये ब्लैक होल हमारे सूर्य से करोड़ों गुना भारी होता है. लेकिन एक बड़ी गैलेक्सी का ब्लैक होल मिसिंग है. ये कौन सी गैलेक्सी है?

गुरुत्वाकर्षण की मदद से एक गैलेक्सी में कई तारे, धूल और गैस आपस में बंधे रहते हैं. हमारा तारा सूरज जिस मोहल्ले में आता है, उसका नाम है मिल्कीवे गैलेक्सी. इस मिल्कीवे गैलेक्सी के केंद्र में एक सुपरमैसिव (भारी-भरकम) ब्लैक होल है. 2020 का फिज़िक्स नोबेल प्राइज़ इसी सुपरमैसिव ब्लैक होल को खोजने के लिए दिया गया. रेनहार्ड गेंजेल और आंद्रिया गेज़ ने हमारी मिल्कीवे गैलेक्सी के केंद्र में ये सुपरमैसिव ब्लैक होल खोजा था.

गया तो गया कहाँ?

जानकर होंगे हैरान गायब हो गया है एक बहुत बड़ा Black Hole

एबल 2261 नाम का एक गैलेक्सी क्लस्टर है. गैलेक्सी क्लस्टर यानी कई गैलेक्सियों का एक समूह. एबल 2261 गैलेक्सी क्लस्टर के केंद्र में एक बहुत बड़ी गैलेक्सी है. इस गैलेक्सी का नाम है A2261-BCG. इसी गैलेक्सी का ब्लैक होल नहीं मिल रहा है. ये गैलेक्सी पृथ्वी से 270 करोड़ लाइट ईयर दूर है. जब दो ब्लैक होल आपस में जा मिलते हैं, तो एक बड़ा ब्लैक होल बनता है. और साथ में बनती हैं खूब सारी ग्रैविटेशनल वेव्स. अगर ये ग्रैविटेशनल वेव्स किसी एक दिशा में ज़्यादा स्ट्रॉन्ग हों, तो नया वाला ब्लैक होल उसकी उल्टी दिशा में भाग ने लगता है. इसे रीकॉइलिंग ब्लैक होल कहते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के वैज्ञानिकों को लगता है, कि ये गुमशुदा ब्लैक होल रीकॉइलिंग ब्लैक होल की अवस्था प्राप्त कर चुका है. हालांकि अब तक वैज्ञानिकों के पास रीकॉइलिंग ब्लैक होल के कोई प्रमाण तो मिले नहीं हैं. और ना ही कभी सुपरमैसिव ब्लैक होल को मर्ज होते देखा गया है. अब तक सिर्फ छोटे ब्लैक होल्स के मर्ज होने की पुष्टि हुई है. ये रीकॉइलिंग ब्लैक होल वाला ऐक्सप्लेनेशन सिर्फ एक थ्योरी है.

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