ज़रा सोचिये कि ऐसे समय में जब मांसाहार का चलन तेजी से बढ़ रहा है तब पूरी दुनिया अचानक शाकाहारी (Vegetarian) हो जाए तो क्या होगा? इससे बहुत सारी बातें होंगी जो आपको हैरान भी करेंगी. यकीन नहीं है तो खुद पढ़ लीजिए.

क्या होगा अगर पूरी दुनिया अचानक शाकाहारी (Vegetarian) हो जाए?

क्या खाएंगे लोग

कई ऐसे जगह हैं जहां पर किसी भी तरह के अन्न का उत्पादन नहीं होता है. तो वहां के लोगों के लिए क्या विकल्प होगा इसके बारे में भी हमें सोचना पड़ेगा. या तो उन्हें वहां से विस्थापित करना पड़ेगा या फिर उनके लिए विकल्प तलाशना पड़ेगा.

इस रोजगार से जुड़े लोग

जाहिर है कि मांसाहार से कई लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं. तो ऐसे में उनके लिए रोजगार की समस्या उत्पन्न हो जाएगी. इस उद्योग से कई लोगों की रोजी-रोटी चलती है तो उनके लिए गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी.

जैवविविधता पर असर

कई ऐसे सदियों पुराने चारागाह हैं जो पशुओं की मदद से आकार पाती हैं. तो ऐसे में पशुओं को रखे जाने का भी व्यवस्था करना पड़ेगा, संभव है कि इसके बदले किसानों को भुगतान भी करना पड़े. इससे कुछ हद तक जैवविविधता प्रभावित हो सकती है.

बीमारियों से छुटकारा

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मांस खाने से दिल की बीमारी, डायबिटीज़, स्ट्रोक और कुछ तरह के कैंसर होने की संभावना प्रबल होती है. लेकिन जब हम नहीं खाएंगे तो इन बीमारियों और इससे होने वाले खर्चे से मुक्ति मिल जाएगी.

पर्यावरण पर असर

पर्यावरण पर अध्ययन कर रहे जानकारों का मानना है कि शाकाहार को पूरी तरह अपना लेने से उत्सर्जन में 60 फीसदी तक की कमी आएगी. ऐसा रेड मिट से छुटकारे के कारण हो पाएगा. आपको बता दें कि मीथेन गैस उत्सर्जित करने वाले पशुओं से रेड मिट मिलता है.

पशुपालन पर असर

पशुपालन पर इसका असर निश्चित रूप से होगा और उसमें भी विकाशसील देशों को ज्यादा नुकसान होगा. क्योंकि विकासशील देशों के किसान काफी हद तक केवल पशुपालन पर ही निर्भर हैं. इसके प्रभाव से इन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान खोनी पड़ सकती है क्योंकि ये विस्थापित होने को मजबूर हो जाएंगे.

बनेगा संतुलन

जब सभी मांस खाना बंद कर देंगे तो जाहिर है इससे जंगलों में जैवविविधता फिर से वापस आएगी और एक तरह से संतुलन स्थापित होगा. हलांकि हमें चारागाहों के बारे में भी सोचना होगा.

बनाना होगा विकल्प

इस विषय में सोचते समय हमें ये भी ध्यान रखना होगा कि मांस हमारे लिए विटामिन्स और प्रोटीन्स के बेहतरीन स्त्रोत हैं. जाहिर है अभी दुनिया में कुपोषित लोगों की तादाद काफी ज्यादा है. ऐसे में उनके पोषण के लिए हमें बेहतर विकल्पों की तलाश करनी होगी.

क्या होगा अगर पूरी दुनिया अचानक शाकाहारी (Vegetarian) हो जाए?

Vegetarian से कम मरेंगे लोग

अंततः यदि मान लीजिए कि सारी दुनिया ने ये क्रांतिकारी बदलाव स्वीकार कर लिया तो क्या होगा? आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इससे 2050 तक हर साल 70 लाख लोग कम मरेंगे. और यदि एकदम ही बंद कर दिया तो ये आंकड़ा 80 लाख तक पहुँच सकता है.

परम्पराओं की बात

लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न आस्था का उठ खड़ा होता है. दुनिया के अलग-अलग  देशों में अलग-अलग तरह की परम्पराएं हैं. जिसमें लोग कई तरह से जानवरों के मांस का उपयोग करते हैं. कई बार तो ये धार्मिक भी होता है. तो कुल मिलाकर ये लगभग असंभव ही लगता है.

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