इतना तो सभी मानते हैं कि घर के खाने का स्वाद कहीं नहीं मिलेगा. उसमें भी खाना अगर माँ (Mother) के हाथ का बना हो तो क्या कहना. तो आज हम आपको इसका कारण भी बता ही देते हैं.

जानिए कि क्या है माँ (Mother) के हाथ के खाने में आने वाले स्वाद का राज

माँ (Mother) के हाथ का खाना और स्वाद

भारतीय संस्कृति में तो ये धारणा आम है कि माँ के हाथ का नमक-रोटी भी स्वादिष्ट लगता है. ये लेख उनके लिए खासतौर से है जो शोध वाली बातों पर ज्यादा गौर करते हैं. ऐसे लोगों को अब पता चल जाएगा क्योंकि शोधकर्ताओं ने भी बताया कि माँ के हाथ से बना खाना क्यों अच्छा लगता है. शोधकर्ताओं की मानें तो जो भी खाना प्यार से पकाया जाता है, वह तुलनात्मक रूप से ज्यादा स्वादिष्ट होता है. मां के हाथों से बने खाना के स्वादिष्ट होने के पीछे इमोशनल परसेप्शन है. जिस भी खाने को प्यार, पूरा वक्त देकर, खुशी के साथ और जिसके लिए बनाया जा रहा है उसका ख्याल करते हुए बनाया जाता है, तो वह स्वादिष्ट ही लगता है.

कैसे हुआ ये शोध?

इसके लिए टीम ने दो ग्रुप बनाकर उन्हें डिनर सर्व किया. पहले ग्रुप को जो खाना पेश किया गया उसे खूबसूरती से सजाया गया था. इन लोगों को बताया गया कि खाना बहुत प्यार से तैयार किया गया है. वहीं दूसरे ग्रुप को ऐसा खाना दिया गया जिसे कम मेहनत से तैयार किया गया था. साथ ही खाना बनाने वालों को खाना बनाने के लिए मजबूर किया गया था. जब दोनों ग्रुप से पूछा गया तो पहले ग्रुप ने कहा कि उनका खाना बहुत स्वादिष्ट था.

जानिए कि क्या है माँ (Mother) के हाथ के खाने में आने वाले स्वाद का राज

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

विशेषज्ञों के अनुसार कई अध्ययनों के बाद यह बात साबित हो चुकी है कि जब कोई चीज प्यार से बनायी जाती है तो वह ज्यादा स्वादिष्ट लगती है. खाने का स्वाद बनाने वाली की नीयत पर निर्भर करता है. ब्रिटेन के बर्ड्स आई फ्रोजन फूड फर्म द्वारा कराए गए सर्वे में पाया गया कि एक नियत समय में, प्यार से पकाए गए खाने को 58 पर्सेंट लोगों ने अपेक्षाकृत अधिक पसंद किया.

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