हम सभी बचपन से ही भगवन विष्णु (God Vishnu) के 10 अवतारों की बात करते हैं लेकिन ज्यादातर लोग इन अवतारों की वजह नहीं जानते होंगे. इसलिए हम आज इसी विषय में बात करेंगे कि आखिर किस अवतार के पीछे क्या कारण है.

1. कल्कि अवतार

भागवत गीता के अनुसार जब चारों तरफ लूट मार मची होगी, निर्दोषों पर अत्याचार किया जाएगा और जब कलयुग अपने चरम यानी समाप्ति पर होगा तब भगवान विष्णु कल्कि के रूप में अवतरित होकर सम्पूर्ण पृथिवी पर सत्य एवं शान्ति का राज स्थापित करेंगे.

2. वाराहावतार

भगवान विष्णु का ये अवतार तब हुआ था जब हिरण्याक्ष ने अपनी ताकत से धरती को पानी में डुबो दिया था. तब धरती की रक्षा के लिए भगवान ने वाराह यानी सुअर के रूप में अपना अगला अवतार लिया. उन्होंने पृथिवी को को अपनी नाक पर रखकर धरती को पानी से बाहर निकाला और हिरण्याक्ष का सर्वनाश किया.

3. मत्स्य अवतार

एक बार की बात है जब हयग्रीव नामक राक्षस ने ब्रह्मा जी की सारी याद्दाश्त छीन ली यहाँ तक की उसने वेदों को भी नदी में डुबो दिया. जब याद्दाश्त न होने के कारण ब्रह्मा जी गहरी निद्रा में सो गए तब सम्पूर्ण सृष्टि पर प्रलय आ गया. तभी भगवान विष्णु ने हयग्रीव का अंत करने और सृष्टि को बचाने के लिए मछली के रूप में अवतार लिया था.

4. धनवंतरी

भगवान विष्णु ने धनवंतरी के रूप में समुद्र मंथन के दौरान अवतार लिया था. क्योंकि समुद्र मंथन से मदिरा जैसे नशीले पदार्थ, पाप, दुराचार आदि निकला था और इन सबसे से बचाने का उपाय सुझाने के लिए उन्हें धनवंतरी के रूप में अवतार लेना पड़ा.

5. बुद्ध के रूप में विष्णु

ऐसा भी माना जाता है कि कलयुग में लोगों में शान्ति और भाई-चारा का सन्देश देने के लिए भगवान विष्णु ने बुद्ध के रूप में अवतार लिया था. जाहिर है भगवान बुद्ध के अहिंसा के अहिंसा के सन्देश का अनुसरण पूरी दुनिया करती है.

6. नृसिंह

इस अवतार में भगवान विष्णु ने हिरण्याक्ष के भाई हिरण्यकश्यप जैसे क्रूर राक्षस का अंत किया था. जाहिर है हिरणकश्यप को को वरदान मिला था कि उसे न तो कोई जानवर मार सकता है न ही कोई इंसान. न तो उसका वध दिन में किया जा सकता है और न ही रात में. तब आधार नर और आधा सिंह आर्थात नरसिंह के रूप में उसको संध्या के समय दरवाजे के चौखट पर रखकर नुकीले नाखूनों से उसका वध किया.

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7. वामन अवतार

राजा बलि के बढ़ती शक्ति और प्रभाव से स्वर्ग के देवता जब घबराने लगे तब उन्होंने विष्णु भगवान से गुहार लगाई. दरअसल राजा बलि ने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने ताकत से कब्जे में ले लिया था. इसलिए राजा बलि को मोक्ष प्रदान करने के लिए उन्होंने वामन अवतार लिया.

8. भगवान परशुराम

धरती से क्षत्रियों का सर्वनाश करने और ब्राह्मणों की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था. आपने भी देखा होगा कि रामायण में भगवान राम और परशुराम का आमना-सामना भी होता दिखाया गया है. जाहिर है उन्होंने क्रोध में आकर अपनी माँ का भी शीश काट दिया था.

9. भगवान राम

ये भगवान विष्णु के बेहद महत्वपूर्ण अवतारों में से एक था क्योंकि इसमें उन्होंने एक आम आदमी के रूप में जीवन व्यतीत किया. सारे कष्ट भी भोगे. इस अवतार में उन्होंने अन्य कई राक्षसों समेत रावण का खानदान समेत वध किया.

10. श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण के रूप में भी भगवान का ये अवतार बेहद चमत्कारी था. कहा जाता है कि इस अवतार में भगवान अपने समस्त 16 कलाओं समेत अवतरित हुए थे. इसमें उन्होंने अपने मामा कंस का वध समेत महाभारत की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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