शांति व्यवस्था की आड़ में यूपी के बागपत में जिला प्रशासन ने किसान नेताओं से 2 लाख रुपये तक के निजी बॉन्ड भरने की खबर आई है. इसे किसान आंदोलन से जुड़े और नए कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसान नेताओं को निशाना बनाया गया है. जाहीर है इससे पहले यूपी के ही संभल और सीतापुर में भी प्रशासन द्वारा ऐसे कदम उठाने की खबर द्वारा चुकी है. कथित तौर पर ये बॉन्ड एक तरह से इस बात की गारंटी रहेंगे कि सभी लोग शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे. यूपी के इस जिले के प्रशासन किसानों (Farmers) को परेशान करने के लिए ये किया?

यूपी के इस जिले के प्रशासन किसानों (Farmers) को परेशान करने के लिए ये किया?जिला प्रशासन ने किसानों (Farmers) को थमाए ये नोटिस

रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल सिंह राठी ने बताया कि उन्हें और छह अन्य लोगों को प्रशासन की ओर से ऐसे नोटिस मिले हैं. ये नोटिस 31 जनवरी को बड़ौत में हुई महापंचायत से एक दिन पहले उन्हें मिले. इस महापंचायत में ये तय किया गया कि इलाके के किसान गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर जाएंगे और किसान आंदोलन में हिस्सा लेंगे.

बागपत के अधिकारियों का क्या कहना है?

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक जिलाधिकारी राजकमल यादव ने कहा कि ये मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं वहीं बड़ौत के SDM दुर्गेश मिश्रा ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं. बड़ौत के स्टेशन ऑफिसर अजय कुमार शर्मा ने कहा कि हमने प्रशासन से वीरपाल सिंह राठी समेत छह लोगों को बॉन्ड भेजने के लिए कहा था क्योंकि ऐसी आशंका है कि वे प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपने भाषणों से भड़का सकते हैं. और इस बात का भी डर है कि विरोध प्रदर्शन हिंसक हो सकता है.

नोटिस के जरिए विरोध को रोका जा रहा है?

बागपत की देश खाप के सदस्य संजीव चौधरी कहते हैं कि प्रशासन ने उन 200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं जो किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. गरीब किसानों से 50 हजार से लेकर 2 लाख तक के बॉन्ड भरने को कहा गया है ताकि वो विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ना ले सकें. आपको बता दें कि सीतापुर में भी जिला प्रशासन कानून वयवस्था का हवाला देकर ने 50 हजार से लेकर 10 लाख तक के नोटिस जारी कर दिए थे. जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में PIL यानी जनहित याचिका दायर की गई. कोर्ट ने इस मामले में अधिकारियों से जवाब तलब किया है. दिसंबर में भी संभल में जिला प्रशासन ने ऐसी ही कार्रवाई की थी.

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