वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का इस्तेमाल हमारे यहाँ प्राचीन काल से ही होता रहा है। समय बदलने के साथ इसमें काफी संशोधन भी हुए ताकि इसे और सटीक और प्रामाणिक बनाया जा सके। इसमें कितनी बारीकी बरती जाती है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसमें इस बात का भी उल्लेख रहता है कि किस कमरे का दीवाल किस रंग का हो? तो आइए वास्तु इस विषय में क्या कहता है ये समझें।

सुख, शांति और समृद्धि के लिए वास्तु (Vastu) के अनुसार कैसा हो दीवारों का रंग?

Vastu के अनुसार छत इस रंग का हो

वास्तु कहता है कि सभी कमरों के छत ब्रह्म स्थान की भूमिका निभाते हैं इसलिए इनका रंग सफ़ेद ही होना चाहिए। जाहीर है सफ़ेद रंग प्रकाश को परावर्तित एवं संवर्धित करके सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करते हैं। इसलिए छतों का रंग सफ़ेद ही रखें या हल्के रंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

शयन कक्ष के लिए कौन सा रंग उचित है?

चूंकि शयन कक्ष में शांति और सौम्यता का वातवरण रहना चाहिए इसलिए इसके लिए बेहद हल्के रंगों का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे शयन कक्ष की दीवारों के लिए कभी भी तीखे या चुभने वाले रंगों का इस्तेमाल ण करें। हल्के रंग सुकून का अनुभव देते हैं।

जिस कमरे में बच्चे पढ़ते हैं उसके लिए उचित रंग

पढ़ाई के लिए भी शांत माहौल की आवश्यकता होती है। इसलिए इस कमरे का रंग ऐसा होना चाहिए जिससे शांति का अनुभव तो हो ही एकाग्रता भी बने। वास्तु कहता है कि ये कमरा पूर्व दिशा में होना चाहिए और इसके लिए आपको हल्का जामुनी, हल्का हरा या गुलाबी रंग का इस्तेमाल सर्वोत्तम रहेगा। ध्यान रहे इस दिशा में गहरे नीले या सलेटी रंग का इस्तेमाल कभी नहीं करें।

पूजा घर के लिए सर्वोत्तम है ये रंग

वास्तु शास्त्र के अनुसार आप पूजा घर पूर्वोत्तर में रहना शुभ है। इस दिशा में बने पूजा घर में आपको सफ़ेद या फिर हल्के नीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। यदि पूजा घर उत्तर दिशा में है तो हल्के रंगों का इस्तेमाल करें। वहीं दक्षिण-पूर्व दिशा में होने पर इसे लाल या नारंगी रंग से सजाना चाहिए। आप चाहें तो पसंद के अनुसार इस दिशा में हल्के गुलाबी रंग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पूजा के लिए शांति और एकाग्रता का माहौल निर्मित होता है।

नए विवाहित जोड़े का कमरा

सुख, शांति और समृद्धि के लिए वास्तु (Vastu) के अनुसार कैसा हो दीवारों का रंग?

वास्तु के अनुसार नवविवाहित युगल यदि व घर का मुखिया है तो इनका बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में होना चाहिए। इस कमरे की दीवार गुलाबी या हल्का बैंगनी जैसे शीतल रंग की होनी चाहिए। ऐसा करने से आपको स्थायित्व तो मिलेगा ही इसके साथ ही आपको जीवन के कुछ सर्वोत्तम अवसर प्राप्त होंगे और आप पर्याप्त वृद्धि कर सकेंगे।

ड्राइंग रूम के रंगों के बारे में क्या कहता है Vastu?

ड्राइंग रूम ऐसा कमरा है जिसमें अक्सर बाहर के लोग भी आते-जाते रहते हैं। ऐसे में इस कमरे की सजावट अच्छी होनी चाहिए। इसके लिए आपको गहरे लाल, तीखी संतरी या फिर काले रंग का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

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